Mera Bharat Mahan 3

उस दिन T.V. पर मुझे बताया गया “मेरा भारत महान ”
सहसा मै चिन्तित हो गयी
खयालो के जंगल मै खो गयी
“मेरा भारत महान “- क्या इसीलिए
की हमे गुलामी से आजादी मिल गयी या की हमारी आबादी BEHR गयी ?
क्या इसिलिये
की पंजाब खून से नहा रहा है ?
या इसिलिये की आरच्छान के मुद्दा पर फिर से TARURIE सहीद हो गये
की अयोध्या मे मंदिर और मस्जद के नाम पर 1 लंका कांड लिखा गया है
मुझे लगा की मुझे बहकाया जा रहा है
हकीकट के घीनौने शब्द दबाने के लिये
“मेरा भरत महान ” का झुंजुना बजाया जा रहा है
नही – नही
“मेरा भरत महान ” उस दिन होगा जब यहा सभी के होठो पर मुस्कान होगी
पंजाब मे खून नही हरीयाली लहीरायेगी
सभी धर्मो का समान आदर होगा
कोइ युबा आत्मदाह के लीये बेबस नही होगा
कोइ कुबारी मांग ज्बाला मे भश्म नही होगी
भूखे को रोती मिलेगी नंगे को कपरे मिलेगे
नारे हकीकट मे बदलेगे
तभी , तभी ये कह सकेगे
“मेरा भारत महान”