real friends

Real friends !!!

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मैं चला जब कर्म पथ पर द्रढ निश्चय पर अकेला,
आ जुड़े हर जीत के संग मित्र इतने जैसे मेला.
जीत का आनंद सबको इतना भाया,
हार की संभावनाएं भूल बैठे,
और पहली हार पर घबरा गए सब,
दोष मेरा है येही सब मान बैठे.
काफिला घटता गया,
और मित्र निंदक हो गए,

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