Is hammam main sab nange hain 2

Those who took the governance of independent India in their hands, made promises for creating a classless society. Soon they forgot their promises and started creating new classes to divide and rule. There is a saying – is hammam main sab nange hain.

आज़ादी की पहली साँस के साथ,
शपथ ली थी मिला कर हम सब ने हाथ,
बनाएँगे एक वर्गहीन समाज,
जहाँ न होगी कोई उंच-नीच,
न होगा कोई छोटा या बड़ा,
न होगा कोई अत्याचार,
धर्म, जाति, भाषा, धरती पर,
जहाँ होंगे सब बराबर,
कर्तव्य से, अधिकार से.

आज़ादी की दूसरी साँस के साथ,
भुला दी शपथ जो ली थी मिला कर हाथ,
बनाये रोज नए वर्ग,
लड़ाया सब को बना कर आधार,
धर्म, जाति, भाषा, धरती को,
पहले तोड़ा था विदेशियों ने,
अब तोड़ रहे हैं अपने देश वाले,
कहाँ जायें, किस से शिकायत करें,
इस हम्माम मैं सब नंगे हो गए है.