Encouraging immoral sex 4

मैं दिल्ली सरकार द्वारा छापे गए एक विज्ञापन को अक्सर देखता हूँ
“असुरक्षित यौन सम्बन्ध एड्स का प्रमुख कारण है, निरोध अपनाएं और एड्स से मुक्त रहें.”

इस विज्ञापन मैं “असुरक्षित यौन सम्बन्ध” से सरकार का क्या अभिप्राय है? कौन से यौन सम्बन्ध की सरकार यहाँ बात कर रही है और किस कारण से वह असुरक्षित है – पति-पत्नी के बीच मैं यौन सम्बन्ध; पति या पत्नी का अन्य स्त्री या पुरूष से यौन सम्बन्ध; विवाह से पहले यौन सम्बन्ध; सामाजिक मान्यताओं से परे यौन सम्बन्ध; जबरन यौन सम्बन्ध? इन सब मैं “पति-पत्नी के बीच मैं यौन सम्बन्ध” के अलाबा सारे यौन सम्बन्ध असुरक्षित हैं और उन मैं निरोध अपनाने की सलाह एक तरह उचित तो लगती है पर क्या सरकार को ऐसी सलाह देनी चाहिए? यह सारे यौन सम्बन्ध ग़लत हैं. भारतीय समाज और संस्कृति इन की इजाज़त नहीं देती. आज समाज मैं अपराधों मैं जो वृद्धि हो रही उन का मुख्य कारण यह ग़लत यौन सम्बन्ध हैं. क्या एक जिम्मेदार सरकार को ऐसी सलाह देनी चाहिए जो ग़लत यौन सम्बन्ध को परोक्ष रूप से मान्यता प्रदान करती हो?

यूनिवर्सिटी, कालिज और अन्य सामाजिक जगहों पर छात्रों और अन्य लोगों को निरोध सप्लाई करना एक अनुचित काम है. यौन सम्बन्ध केवल पति और पत्नी के बीच मैं होने चाहियें. पति-पत्नी को यदि निरोध की जरूरत होगी तब वह किसी भी कैमिस्ट की दूकान से खरीद सकते हैं. शिक्षा संस्थानों मैं लोग शिक्षा प्राप्ति के लिए जाते हैं, वहाँ यौन सम्बन्ध स्थापित करने के लिए नहीं. सरकार को लोगो को ग़लत यौन सम्बन्ध स्थापित न करने की सलाह देनी चाहिए, ग़लत यौन सम्बन्ध स्थापित करने और उस मैं एड्स से वचने के लिए निरोध इस्तेमाल करने की सलाह देना एक अनुचित काम हैं जो किसी भी सरकार को शोभा नहीं देता.