Chunaav ka mausam 4

आखिरी बजट के साथ,
फ़िर आ गया चुनाव का मौसम,
फ़िर नजर आयेंगे नेता,
फ़िर आ गया वादों का मौसम,
आम आदमी के खास बनने का मौसम,
सड़कों के गड्ढे भरने का मौसम,
अकड़ी गर्दन झुकने का मौसम,
हाथ जोड़ कर मिलने का मौसम,
पुराने वादे भुलाने का मौसम,
नए वादे करने का मौसम,
अच्छे काम भुनाने का मौसम,
बुरे काम नकारने का मौसम,
दूसरों पर इल्जाम लगाने का मौसम,
गुंडों को जेल से छुड़ाने का मौसम,
पार्टी मैं भरती कराने का मौसम,
मन्दिर के चक्कर लगाने का मौसम,
ज्योतिषी के घर आने जाने का मौसम,
हर चुनाव क्षेत्र को कुरुक्षेत्र बनाने का मौसम,
पाण्डवों के हार जाने का मौसम,
कौरवों के जीत जाने का मौसम,
जिस जनता के कपड़े उतारे थे सबने,
उस जनता को कपड़े पहनाने का मौसम,
पार्टी के दफ्तर मैं बोली लगेगी,
किसी भी तरह टिकट पाने का मौसम,
चलो आओ हम भी लड़ें अब चुनाव,
यह है खूब खाने कमाने का मौसम.